Wednesday, September 23, 2020

अब कुछ और नही उगता, तेरी यादों के सिवा

अब कुछ और नही उगता, तेरी यादों के सिवा
अब कुछ और नही उगता, तेरी यादों के सिवा,,अब मेरे दिल की ज़मीन पर, बस  तेरी ज़मींदारी है....@ShayariByArsalan  तुम्हारी ज़िद, तुम्हारे उसूल, तुम्हारे नियम, कौन जाने कौन से संविधान की धारा हो तुम... @ShayariByArsalanसोचते हैं सीख लें हम भी बेरुखी...