Sunday, September 20, 2020

हमने आंसु को बहोत संजोया के तन्हाई मे आया करो

हमने आंसु को बहोत संजोया के तन्हाई मे आया करो
 हमने आंसु को बहोत संजोया के तन्हाई मे आया करो, भारी महफ़िल मे हमारा मज़ाक ना उड़ाया करो, इस बात पर आंसु ने तड़प कर कहा, महफ़िल मे आपको तन्हा आप को पाते हे, इस लिए हम चले आते हैं.... @ShayariByArsalan किसी के दिल का दर्द किसने देखा है; देखा...