हमारी तडप तो कुछ भी नहीं है हुजुर,सुना है कि आपके दिदार के लिए तो आइना भी तरसता है…...!!!#ShayariByArsalan
मोहरे" हैं हम यहाँ दोस्तो ये ज़िंदगी इक "बिसात" है, इक क़दम पे "शह" है इक क़दम पे "मात" है।#ShayariByArsalan Nind a jaye...
हमारी तडप तो कुछ भी नहीं है
