Saturday, July 10, 2021

वजह में दूरियां ही सही, हम दिल से बोहोत क़रीब हैं,

वजह में दूरियां ही सही, हम दिल से बोहोत क़रीब हैं,
वजह में दूरियां ही सही, हम दिल से बोहोत क़रीब हैं,वरना जहां में नज़दीक होने पर भी रिश्ते बोहोत गरीबहैं...@ShayariByArsalanअब वो सिलबट्टे की तरहनहीं पीसी जातीं,नये जमाने की है,ग्राइंडर की तरहग्राइंड की जाती है।@ShayariByArsalanहोने लगा है हिसाब, नफे और नुकसान का ....मासूम...