वजह में दूरियां ही सही, हम दिल से बोहोत क़रीब हैं,वरना जहां में नज़दीक होने पर भी रिश्ते बोहोत गरीबहैं...@ShayariByArsalanअब वो सिलबट्टे की तरहनहीं पीसी जातीं,नये जमाने की है,ग्राइंडर की तरहग्राइंड की जाती है।@ShayariByArsalanहोने लगा है हिसाब, नफे और नुकसान का ....मासूम...
वजह में दूरियां ही सही, हम दिल से बोहोत क़रीब हैं,
