Monday, April 13, 2020

एक सिगरेट सी मिली

एक सिगरेट सी मिली
एक सिगरेट सी मिली तू मुझे..ए आशिकी कश एक पल का लगाया था लत उम्र भर की लग गयी।जी करता है चला जाऊं, हसीनों की महफिल में..पर क्या करूं ये मेरे दोस्तो, उतना दम ही नहीं है दिल में।एक तु मिल जाती तो किसी का कया चला जाता..तुझे उमर भर के लिए खुशीयाँ ही खुशीयाँ और मुझको...